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News Highlights
COVID recovery rate improves to around 43 per cent; over 71,000 cured so far            Over 52 lakh passengers transported to their home states through Shramik Special trains            Govt to bring back over 1 lakh stranded Indians by end of Phase 2 of Vande Bharat Mission            Ministry of Tribal Affairs announces inclusion of 23 additional MFP items in MSP list            Defence Minister Rajnath Singh speaks to his US counterpart; reviews progress on bilateral defence cooperation arrangements           

Text Bulletins Details


समाचार प्रभात

0800 HRS
25.03.2020

मुख्य समाचारः-

  • सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए पूरे देश में 21 दिन के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की।

  • पूर्ण बंदी के दौरान जरूरी सेवाएं - दवा, किराना और दूध की दुकानें, बैंक, पेट्रोल पंप, तथा ऑनलाइन खरीददारी को छूट।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा - केंद्र और राज्य जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए मिलकर काम करेंगे।

  • गृह मंत्रालय ने पूर्ण बंदी को कड़ाई से लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये।

  • केंद्र और राज्य लोगों को पूर्णबंदी के दौरान मिली रियायतों के बारे में जागरूक करेंगे।

  • और तोक्‍यो ओलंपिक कोविड-19 महामारी के कारण अगले वर्ष होगा।

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सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए कल आधी रात से पूरे देश में 21 दिनों के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान सभी सड़क, रेल और विमान सेवाएं बंद रहेंगी, लेकिन देशभर में आवश्‍यक वस्‍तुओं को लाने-ले जाने के लिए मालवाहक वाहनों का आवागमन जारी रहेगा। दवा की दुकानों, पेट्रोल पम्‍प, किराना, दूध और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी आवश्‍यक सेवाओं को लॉकडाउन से छूट दी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस बीमारी से निपटने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में ढांचागत सुविधाओं को मज़बूत बनाने के लिए 15 हज़ार करोड़ रुपये के केन्‍द्रीय आबंटन की घोषणा की है। एक हफ्ते से भी कम समय में राष्‍ट्र को दूसरी बार संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत को और प्रत्‍येक भारतीय नागरिक को बचाने के लिए उनके घरों से बाहर निकलने पर पूरा प्रतिबंध रहेगा। उन्‍होंने एक पोस्‍टर दिखाया, जिसमें बताया गया है कि कोरोना का अर्थ कोई रोड पर ना निकलो है। श्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन प्रत्‍येक राज्‍य, केन्‍द्रशासित प्रदेश, प्रत्‍येक गांव, मोहल्‍ला और सड़कों पर लागू हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन कर्फ्यू की तरह और जनता कर्फ्यू से भी अधिक कड़ा होगा। श्री मोदी ने कहा कि यह लॉकडाउन प्रधानमंत्री से लेकर गांव में एक व्‍यक्ति तक सबके लिए है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि हम 21 दिनों में स्थिति को अच्‍छी तरह संभाल नहीं पाते हैं, तो हमारा देश और आपका परिवार 21 वर्ष पीछे चला जाएगा।

देश में यह लॉकडाउन 21 दिन का होगा तीन सप्‍ताह का होगा हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स की माने तो कोरोना वायरस की संक्रमण साइकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जायेगा।

श्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोरोना वायरस प्रकोप के खिलाफ निर्णायक संघर्ष के लिए ये कड़े उपाय आवश्‍यक हैं।

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प्रधानमंत्री ने माना कि इस निर्णय की आर्थिक कीमत चुकानी होगी, लेकिन कहा कि लोगों का जीवन बचाना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कोरोना वायरस पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षित  दूरी बनाए रखने का सख्‍ती से पालन करना होगा।

वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है। कि तमाम तैयारियां और प्रयासों के बावजूद इन देशों में चुनौती बढती ही जा रही है। इन सभी देशों के दो महीनों के अध्यन से जो निष्कर्ष निकल रहा है और एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे है इस वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एक मात्र विकल्प है। सोशल डिस्टेन्सिंग यानी एक दूसरे से दूर रहना अपने घरों में ही बंद रहना। कोरोना से बचने का लिए इसके अलावा कोई तरीका नहीं है कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है तो उसके सकंमण की जो साइकिल है उस साइकिल को तोड़ना ही होगा।

श्री मोदी ने कहा कि विशेषज्ञों और इस जानलेवा वायरस से लड़ने वाले देशों के अनुभव से साफ हो गया है कि इस रोग का मुकाबला सुरक्षित दूरी बनाए रखने से ही किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आवश्‍यक वस्‍तुओं और दवाओं की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्‍होंने कहा कि केन्‍द्र और राज्‍य सरकार आवश्‍यक वस्‍तुओं और दवाअें की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। श्री मोदी ने लोगों से अनुरोध किया कि अफरातफरी मे खरीदारी न करें क्‍योंकि दुकानों के आसपास भीड़ लगने से कोविड-19 क‍े फैलाव का जोखिम है। उन्‍होंने कहा

ये भी ध्यान रखिए की ऐसे समय में जाने अनजाने कई बार अफवाहें भी बहुत जोर पकडती है और अफवाहें ट्रवेल करने की ताकत बहुत होती है। मेरा आपसे आग्रह है किसी भी तरह की अफवाह ओर अंधविश्वास से बचे आपके द्दारा केन्द्र सरकार,राज्य सरकार और मेडिकल फैटरनिटी द्वारा दिए गये निर्देश और सुझावों का पालन करना बहुत जरूरी है। मेरी आप से प्रार्थना है इस बीमारी के लक्षणों के दौरान बिना डाक्टरों के सलाह के कोई भी दवा न ले किसी भी तरह का खिलवाड़ आपके जीवन को और भी खतरे में डाल सकता है।

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गृह मंत्रालय ने कोविड-19 के प्रकोप को ध्‍यान में रखते हुए 21 दिन का राष्‍ट्रव्‍यापी पूर्ण लॉकडाउन लागू करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम भी लागू किया है, जिसके उल्‍लंघन पर दो वर्ष जेल की सज़ा हो सकती है। निर्देशों के अनुसार भारत सरकार के सभी कार्यालय, इसके स्‍वायत्‍त कार्यालय और सार्वजनिक निगम, राज्‍य और केन्‍द्रशासित सरकारों के कार्यालय, स्‍वायत्‍त संस्‍थाएं बंद रहेंगी। वाणिज्यिक और निजी संस्‍थान भी बंद रहेंगे, लेकिन उचित दर की दुकानें और खाद्य, किराना, फल, सब्‍जी, डेयरी और दूध, मांस, मछली और पशु चारे की दुकानें खुली रहेंगी। जिला प्राधिकारी लोगों की घरों के बाहर आवाजाही कम करने के लिए होम डिलिवरी सुविधा को प्रोत्‍साहित करेंगे। इसके अलावा बैंक, बीमा कार्यालय, एटीएम, प्रिंट और इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया भी खुले रहेंगे। दूरसंचार, इंटरनेट सुविधाएं, भोजन सहित ज़रूरी वस्‍तुओं की डिलिवरी, फार्मास्‍यूटीकल्‍स, ई-कॉमर्स के ज़रिए चिकित्‍सा उपकरण भी उपलब्‍ध रहेंगे। दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि अस्‍पताल और सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के उत्‍पादन तथा वितरण इकाइयों सहित इससे जुड़े सभी चिकित्‍सा प्रतिष्‍ठान जैसे डिस्‍पेंसरी, कैमिस्‍ट, चिकित्‍सा उपकरण की दुकानें, प्रयोगशालाएं, क्‍लीनिक, नर्सिंग होम, ऐंबुलेंस इत्‍यादि सुविधाएं जारी रहेंगी। चिकित्‍साकर्मी नर्सों, अर्धचिकित्‍सा कर्मचारियों और अन्‍य अस्‍पतालों की सहयोगी सेवाओं के लिए परिवहन की अनुमति होगी। पेट्रोल पम्‍प, एलपीजी, पेट्रोलियम और गैस रिटेल आउटलेट भी खुले रहेंगे। विद्युत उत्‍पादन, ट्रांसमिशन और वितरण इकाइयां तथा सेवाएं और सेबी द्वारा अधिसूचित पूंजी और ऋण बाज़ार सेवाएं भी कार्य करती रहेंगी।

यह भी कहा गया है कि आवश्‍यक वस्‍तुओं की विनिर्माण इकाइयों के अलावा औद्योगिक प्रतिष्‍ठान खुले रहेंगे। हवाई, रेल, सड़क जैसी परिवहन और सेवाएं बंद रहेंगी, लेकिन आवश्‍यक वस्‍तुओं की आपूर्ति वाले वाहनों, अग्निशमन गाड़ि‍यां, कानून और व्‍यवस्‍था तथा आपात सेवाओं संबंधी वाहन सुविधा जारी रहेगी। आतिथ्‍य सत्‍कार सेवाएं भी बंद रहेंगी, लेकिन पर्यटकों और लॉकडाउन के कारण फंसे लोगों, आपात और चिकित्‍सा कर्मचारियों, विमान और जहाज के कर्मचारियों तथा क्‍वारेंटीन सुविधाओं के लिए निर्धारित प्रतिष्‍ठान के कर्मचारियों को ले जा रहे वाहनों को आने-जाने की अनुमति रहेगी। सभी शैक्षणिक प्रतिष्‍ठान, प्रशिक्षण, शोध और कोचिंग संस्‍थान बंद रहेंगे। सभी धार्मिक स्‍थल जनता के लिए बंद रहेंगे और कोई धार्मिक समागम करने की अनुमति नहीं होगी। अंतिम संस्‍कार के मामले में 20 से अधिक व्‍यक्ति इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। रक्षा, केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल, ट्रेजरी, पेट्रोलियम, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी सहित सार्वजनिक उपयोग के स्‍थान, आपदा प्रबंधन, विद्युत, चेतावनी एजेंसियां  राज्‍य पुलिस, होम गार्ड, अग्निशमन और आपात सेवाएं, जिला प्रशासन और ट्रेजरी, बिजली-पानी, सफाई और नगर निगम निकायों को लॉकडाउन से छूट दी गई है। ये सभी कार्यालय न्‍यूनतम कर्मचारियों के साथ कार्य करेंगे, जबकि अन्‍य सभी कार्यालयों के कर्मचारी घर से ही कार्य करेंगे।

दिशा-निर्देशों में आगे कहा गया है कि जिला मजिस्‍ट्रेट इन उपायों को पूरी तरह लागू करने की निगरानी करने के लिए घटना कमाण्‍डर के रूप में अधिशासी मजिस्‍ट्रेट तैनात करेंगे। इन उपायों को कड़ाई से लागू करने के लिए सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 को लागू किया है, जिसके उल्‍लंघन पर किसी भी व्‍यक्ति, कंपनी या कर्मचारी को दो वर्ष कारावास की सज़ा हो सकती है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 से निपटने के लिए देश में चिकित्‍सा कर्मियों के निःस्वार्थ कार्य की सराहना की है। श्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेन्स के जरिए डॉक्टरों, नर्सों और प्रयोगशाला तकनीशियनों सहित चिकित्सा कर्मियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा से जुड़े लोगों के योगदान का सम्मान आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के सामने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक चुनौती है। इस समय पूरा देश चिकित्सा कर्मियों की ओर उम्मीद के साथ देख रहा है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि बड़ी चुनौती का सामना करते हुए चिकित्सा कर्मचारियों का मनोबल काफी ऊंचा है।

सरकार की ओर से, चिकित्सा जगत को सभी प्रकार की सहायता का आश्वासन देते हुए श्री मोदी ने उनसे कहा कि वे अपने संक्रमित होने से बचाने के लिए सभी नियमों का पालन करें और पूरे ऐहतियात बरतें। उन्होंने कहा कि चिकित्साकर्मी आम लोगों को क्या करें, क्या न करें, अपने को अलग रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने का महत्व समझाएं और इस बात की जानकारी दें कि उपचार सुविधा कहां मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने उनसे अनुरोध किया कि वे हर तरफ जागरुकता पैदा करें और नीम-हकीम उपचार और गलत जानकारी के प्रसार को रोकने के उपाय करें। श्री मोदी ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और तकनीशियनों का कौशल बढ़ाने के लिए उन्हें तेजी से प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि उन्हें आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जा सके।

चिकित्सा जगत के प्रतिनिधियों ने सही वक्त पर नेतृत्व करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने संकल्प और संयम के मंत्र के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

चिकित्सा प्रतिनिधियों ने कोविड-19 से निपटने के लिए समर्पित अस्पतालों और विभागों तथा ऑनलाइन प्रशिक्षण के उपायों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया।

प्रधानमंत्री ने व्यापक और बहुआयामी सुझावों के लिए चिकित्सा कर्मियों का आभार व्यक्त किया।

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केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आगाह किया है कि राष्ट्रव्यापी पूर्ण बंदी के दौरान लोगों को कम से कम असुविधा हो और उन्हें इस दौरान दी गई रियायतों की जानकारी दी जाए। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि तैयार और पकाए भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जहां तक संभव हो होम डिलिवरी की सुविधा प्रदान की जाए।

प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी.के. मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने मुख्य सचिवों को लॉकडाउन के उपायों की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्तमान स्थिति बहुत पेचीदा है और अगर लोग सुरक्षि‍त दूरी बनाकर नहीं रखेंगे अथवा कुछ लोग एकत्र होंगे तो संक्रमण फैलने का डर है।

गृह सचिव ने केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रालयों और विभागों द्वारा किए जाने वाले उपाय संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।

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सरकार ने मलेरिया रोधी औषधि हाइड्रॉक्‍सीक्‍लोरोक्विन के निर्यात पर तत्‍काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इससे घरेलू बाज़ार में इसकी पर्याप्‍त उपलब्‍धता सुनिश्चित हो सकेगी। विदेश व्‍यापार महानिदेशालय की अधिसूचना में कहा गया है कि हाइड्रॉक्‍सीक्‍लोरोक्विन और इसके योगिकों के निर्यात पर तत्‍काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। सरकार विदेश मंत्रालय की सिफारिशों को ध्‍यान में रखते हुए ज़रूरी मामलों में मानवीय आधार पर इसके निर्यात को मंज़ूरी देगी। विशेष आर्थिक क्षेत्र/निर्यात इकाइयों से भी निर्यात की अनुमति रहेगी।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने वायरस के पुष्‍ट या संदिग्‍ध मरीजों के इलाज में लगे स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों के लिए सोमवार को हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्विन के इस्‍तेमाल की सिफारिश की थी।

पिछले कुछ सप्‍ताह से सेनेटाइजर्स, सभी प्रकार के वेंटीलेटर और सर्जिकल मास्‍क सहित कई चिकित्‍सा उपकरणों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने देशभर में 519 लोगों में कोविड-19 की पुष्टि की है। इनमें 476 भारतीय और 43 विदेशी नागरिक हैं। दिल्‍ली में एक ओर व्‍यक्ति की मृत्‍यु के साथ ही देश में कोरोना वॉयरस से मरने वालों की संख्‍या दस हो गई है। 40 रोगियों को उपचार के बाद अस्‍पताल से छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने इस बात की भी पुष्टि की है कि रोगियों के परिक्षण के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद आईसीएमआर के नेटवर्क में 118 प्रयोगशालाएं शामिल की गई हैं। इन प्रयोगशालाओं की 12 हजार नमूनों की जांच प्रतिदिन करने की क्षमता है। देशभर में 26 निजी प्रयोगशाला समूहों को भी कोविड-19 की जांच के लिए परिषद ने पंजिकृत किया है। आईसीएमआर ने भारत में 119 सरकारी प्रयोगशालाओं को जांच करने की मंजूरी दी है।

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नीति आयोग के सदस्य और कोविड-19 संबंधी नवगठित कार्यदल के अध्यक्ष डॉक्टर वी.के. पॉल ने कहा है कि नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण एक नए स्तर पर पहुंच गया है। यह अत्यन्त आवश्यक हो गया है कि लोग राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन में सहयोग करें।  आकाशवाणी समाचार के साथ विशेष बातचीत में डॉक्टर पॉल ने कहा कि सामाजिक दूरी बनाए रखना और वायरस को फैलने से रोकना बहुत जरूरी है।

कोविड-19 की ऑउट ब्रेक को तोड़ना और अपने देश को इससे बचाने की जो हमारी लड़ाई है अब एक नये आयाम तक पहुंच गयी है। और आगे की लडाई के लिए ये absolutely जरूरी है की सोशल डिस्टेन्सिंग को हम परफेक्ट करें आगे जो भयानक स्थिति हो सकती है उससे हम सब बच जाएंगे। मेरी सबसे ये गुजारिश है लॉकडाउन की व्यवस्था को पूरी तरह से सफल करे और अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाइये।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वे नोवल कोरोना वायरस से अपने को सुरक्षित रखने के लिए सभी बुनियादी एहतियाती उपायों का पालन करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने लोगों को निर्देश दिया है कि वे नये कोरोना वायरस से अपने को सुरक्षित रखने के लिए सभी बुनियादी एहतियाती उपायों का पालन करें। अगर किसी व्यक्ति को खांसी और बुखार महसूस हो तो उसे तत्‍काल अपने को अन्य लोगों से अलग कर लेना है। लोगों को परामर्श दिया जाता है कि बिना हाथ धोये अपने आंख, नाक और मुंह को स्पर्श न करें। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का निर्देश है कि बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोना जरूरी है। अल्कोहल मिश्रित पदार्थ सैनेटाइजर से भी हाथ साफ रखे जा सकते हैं। खांसते और छींकते समय अपने नाक और मुंह पर रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें और इस्‍तेमाल किये गये टिश्यू पेपर को बंद कूड़ेदान में फेंकना जरूरी है। बुखार आने, सांस लेने में कठिनाई होने और खांसी की स्थिति में तत्काल डॉक्टर से परामर्श करें।  स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने चौबीसों घंटे और सातों दिन काम करने वाली हेल्पलाइन की व्यवस्था की है इसका नंबर नोट कीजिए 1075  इस नंबर से आप सलाह ले सकते हैं।

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भारतीय रेलवे ने अपनी उत्‍पादन इकाइयों से कहा है कि वे कोविड-19 मरीजों के इलाज में इस्‍तेमाल होने वाले आवश्‍यक चिकित्‍सा सामानों के उत्‍पादन की संभावना तलाश करें। रेल मंत्रालय ने इन आवश्‍यक चिकित्‍सा सामानों के उत्‍पादन के लिए चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्‍स, चितरंजन, इंटीग्रल कोच फैक्‍ट्री चेन्‍नई, रेल कोच फैक्‍ट्री कपूरथला, डीजल लोको वर्क्‍स वाराणसी और रेल व्‍हील फैक्‍ट्री को चिन्हित किया है।

रेलवे बोर्ड ने इन उत्‍पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों को अस्‍पतालों में साधारण बिस्‍तर, मेडिकल ट्रॉली, क्‍वारेंटाइन सुविधाएं, स्‍ट्रेचर, हॉस्पिटल फुटस्‍टैप्‍स, बिस्‍तरों के पास लॉकर, वेंटीलेटर, मास्‍क और सेनि‍टाइजर्स जैसी आवश्‍यक वस्‍तुओं के उत्‍पादन की संभावना तलाश करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने महाप्रबंधकों को ज़ोन/उत्‍पादन इकाइयों के प्रधान मुख्‍य चिकित्‍सा निदेशक के साथ विचार-विमर्श करके इन वस्‍तुओं के बड़ी संख्‍या में उत्‍पादन की संभावना तलाशने का कार्य सौंपा है।

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महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि पूर्णबंदी के कारण लोगों को किसी प्रकार के भय या भ्रम की आवश्‍यकता नहीं है। श्री ठाकरे ने कहा कि महामारी से उपजी चिंता के कारण प्रधानमंत्री ने देश को संकट से उबारने के लिए यह निर्णय लिया है। उन्‍होंने कहा कि अनाज, आवश्‍यक वस्‍तुओं और दवाओं का पर्याप्‍त भंडार उपलब्‍ध है। उन्‍होंने कहा कि लोगों को दुकानों पर अनावश्‍यक खरीदारी के लिए भीड़ नहीं लगानी चाहिए।

मुख्‍यमंत्री ने बताया कि लोगों को कोविड-19 के बारे में सरकारी निर्णय की जानकारी देने के लिए व्‍हाट्सअप ग्रुप बनाया गया हैं।

श्री ठाकरे ने जोर देकर कहा कि जो लोग विदेश यात्रा से लौटे हैं उन्‍हें प्रशासन को सूचित करना चाहिए कि वे किस देश में किस काम के लिए गए। ऐसे लोगों को कोई सूचना छिपानी नहीं चाहिए।

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उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने राज्‍य के लोगों का भरोसा दिलाया है कि सरकार के पास आवश्‍यक वस्‍तुओं का पर्याप्‍त भंडार है और इसे लोगों के घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री की 21 दिन तक पूर्ण देशबंदी की घोषणा के तुरंत बाद सभी शहरों में लोग खाद्य वस्‍तुओं और दवाओं की दुकानों की ओर भाग रहे हैं। लोगों को घर के अन्‍दर ही रहने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए संदेश देते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा कि लोगों को घबराना नहीं चाहिए। उन्‍होंने कहा कि आवश्‍यक वस्‍तुओं को पर्याप्‍त भंडार है और दूध, फल, सब्जियों जैसे वस्‍तुएं देशबंदी के दौरान लोगों के घरों तक पहुंचायी जाएंगी। इस काम के लिए सरकार ने दस हजार वाहन तैयार किए हैं।

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मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस से संपूर्ण देश को बचाने के लिए 21 दिनों के लॉकडाउन के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के फैसले का स्‍वागत किया है।

मध्‍य प्रदेश विधानसभा में बजट 27 मार्च को पेश नहीं किया जाएगा। अध्‍यादेश के माध्‍यम से फंड की व्‍यवस्‍था की जाएगी। विधानसभा का बजट सत्र भी अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित कर दिया गया है।

मुख्‍यमंत्री ने इस संकट से निपटने के लिए मुख्‍यमंत्री राहत कोष में अपना एक महीने का वेतन देने की घोषणा की है। उन्‍होंने विधायकों से भी इस बारे में सहयोग करने की अपील की।

राज्‍य में कोरोना वायरस संक्रमण के दो और मामले आए हैं। राज्‍य में संक्रमित व्‍यक्तियों की संख्‍या अब बढ़कर नौ हो गई है।

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राज्‍य के विभिन्‍न भागों में आवश्‍यक वस्‍तुओं की सामग्री सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष सेल का गठन किया गया है। जो चौबीसों घंटे निगरानी करेगी। विभिन्‍न राज्‍यों से जुड़ी सीमा पर आवश्‍यक सामग्री वाले वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी अभियान जारी है। आवश्‍यक उत्‍पादों की कीमत पर निगरानी रखने के लिए टॉस्‍क फोर्स का गठन किया गया है। दुकानदार को दुकान में मौजूद सभी तरह की वस्‍तुओं और उसकी कीमत प्रदर्शित करने को कहा गया है। सभी व्‍यापारियों को स्‍पष्‍ट कर दिया गया है कि यदि आवश्‍यक वस्‍तुओं की कीमत में कोई वृद्धि की जाएगी तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आकाशवाणी समाचार पटना से मैं कृष्‍ण कुमार लाल।

राज्‍य सरकारों ने कहा कि अनाज, आवश्‍यक वस्‍तुओं और दवाओं का पर्याप्‍त भंडार उपलब्‍ध है। इसी सिलसिले में प्रस्‍तुत है एक रिपोर्ट -

छत्तीसगढ में लॉकडाउन  का शक्ति से पालन कराने के लिए पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्रवाई शुरू कर दी है बिना किसी जरूरी करण के घूम रहे टैक्सी, ऑटो और दो पहियों वाहनों को जब्त करने के साथ ही अपनी दुकानों को खुली रखने वाले संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा पुलिस द्दारा सडको पर बेवजह घूमने वाले लोगो के खिलाफ चलानी कार्रवाई की गयी है। राज्य लॉकडाउन के दौरान व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के लिए निर्देश दिये गये हैं। नौ हजार से अधिक स्वाच्छता दे दिया। हर रोज घर-घर जाकर कचरा उठा रहे हैं। इसके अलावा 15 हजार से अधिक सफाई मित्र आस-पास क्षेत्र को साफ करने के लिए लगातार काम कर रहे है प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए के वस्‍तुओं धान की मिलिंग डीजन प्रेट्रोल एलपीजी सहित कई वस्‍तुओं को आवश्‍यक सेवा घोषित कर दिया है। राज्‍य सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर दहशत फैलाने वाले और फेक न्‍यूज जारी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया है। राज्‍य शासन द्दारा गठित राज्‍य स्‍तरीय फेक न्‍यूज नियंत्रण और विशेष मॉनिट्री सेल ऐसी सभी खबरों पर लगातार नजर रख रहा है। छत्‍तीसगढ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्‍य की जनता के नाम अपने संदेश रोजगार या नौकरी करने वाली सभी महिलाओं को आश्‍वस्‍त किया है कि लॉकडाउन की वजय से उनकी नौकरी नहीं जायेगी। उन्‍होंने बताया इस संबंध सरकार ने सभी नियोक्‍ताओं को निर्देश जारी कर दिये हैं। विकल्‍प शुक्‍ला आकाशवाणी समाचार रायपुर

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गुजरात में सभी मंत्री कोरोना वायरस से निपटने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक महीने का वेतन दान देंगे। मुख्यमंत्री कार्यदल के इस निर्णय की जानकारी मीडिया को देते हुए राज्य के मुख्य सचिव अनिल मुकीम ने कहा कि राज्य के लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए यह निर्णय किया गया है। उन्होंने लोगों, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की कि वे भी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अपना योगदान करें। एक रिपोर्ट-

गुजरात सरकार दूध, फल सब्जियां जैसे आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है और पत्रकारों को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार ने कहा इस सिलसिले में सरकार ने पांच वरिष्ठ अधिकारियों का एक विशेष कार्यबल गठित किया है। जो रोजमर्रा के आधार पर  आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में कुल 16 सौ अमूल पार्लर और 64 बड़े सब्जी बाजार है जो पूर्णबंदी के दौरान भी खुले रहेंगे। श्री कुमार ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी को रोकने और कोई निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत पर चीजें न बेचे इसके लिए विशेष उपाय किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोग्, बिजली, पानी की आपूर्ति पेट्रोल गैस जैसी सभी अन्य आवश्यक सेवाएं पूर्णबंदी के दौरान भी कार्यात्मक रहेंगी। अपर्णा खुंट आकाशवाणी समाचार अहमदाबाद।

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पूरे देश में जारी पूर्णबंदी के बीच सरकार ने नागरिकों की असुविधा कम करने के अनेक कदम उठाए हैं। अनाज उपलब्‍ध है और नागरिकों को किसी बात की चिंता नहीं होनी चाहिए और न ही अफरा तफरी में खरीदारी करनी चाहिए। राज्‍य और केन्‍द्रशासित प्रदेश भारतीय खाद्यय निगम से तीन महीने का अनाज उधार पर ले सकते हैं। इससे आम जनता के लिए अनाज की पर्याप्‍त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही राज्‍यों को वित्‍तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थी रियायती दामों पर अनाज का अपना छह महीने का कोटा खरीद सकते हैं।

अनुबंधित कैजुअल और निजी कंपनियों के माध्‍यम से नियुक्‍त कर्मचारियों को पूर्णबंदी के कारण ड्यूटी पर न आने पर भी वेतन का भुगतान किया जाएगा। यह व्‍यवस्‍था भारत सरकार के सम्‍बद्ध, अधिनस्‍थ, स्‍वायत्‍त और वैधानिक निकायों में 30 अप्रैल तक लागू रहेगी।

चालू महीने के लिए पेंशन धारकों का विवरण और पेंशन राशि का लेखा-जोखा कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन तैयार करेगा और आज तक उसका समायोजन करेगा। पेंशन धारकों की पेंशन बैंक में अग्रिम रूप से भेज दी जाएगी जो उनके खातों में चली जाएगी।

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण ने बीमा कंपनियों को बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम के नवीकरण लिए और तीस दिन की रियायत देने की मंजूरी दे दी है।

हैण्‍ड सैनिटाइजर और मास्‍क को आवश्‍यक सामग्री कानून के दायरे में लाया गया है। हैण्‍ड सैनिटाइजर की 200 एमएल की बोतल का दाम 100 रूपये से अधिक नहीं हो सकता।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, आई.आई.टी. खड़गपुर के अनुसंधानकर्ताओं ने एल्‍कोहल आधारित दो प्रकार के हैण्‍ड सैनिटाइजर विकसित किए हैं।

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विमान कंपनी इन्डिगो ने अपने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि घरेलू उड़ाने स्थगित किए जाने के कारण उनका वेतन या अवकाश नहीं काटा जाएगा। प्रचालन अस्थायी रूप में बंद रहने के दौरान इन्डिगो अपनी सुरक्षित जमा राशि से वेतन और भत्तों का भुगतान जारी रखेगी। 

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देश में कोविड-19 के संक्रमण की मुकाबले में मदद के लिए कई कंपनियां सामने आई हैं।

रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड ने घोषणा की है कि सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्‍पताल ने बृहन मुम्‍‍बई नगर पालिका के साथ सहयोग से मुम्‍बई में 100 बिस्‍तरों वाला अस्‍पताल खोला है। कंपनी ने महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री राहत कोष में पांच करोड़ रूपये की सहायता की पेशकश की है।

वेदांता रिसोर्सि‍ज लिमिटेड ने इस महामारी से लड़ने के लिए 100 करोड़ रूपये देने का वादा किया है।

पेटीएम ने कोविड-19 के उपचार के उपायों और वेंटीलेटर की किल्‍लत दूर करने में स्‍वदेशी समाधान तैयार करने वाले भारतीय उद्यमियों को पांच करोड़ रूपये की सहायता की घोषणा की है।

महिन्‍द्रा एण्‍ड महिन्‍द्रा कंपनी ने कहा है कि उसकी परियोजना टीम अस्‍थायी उपचार सुविधाएं लगाने में सरकार को मदद देने को तैयार है।

जिओमी ने कहा है कि वह देशभर के अस्‍पतालों में आयातित एन-93 मास्‍क और हजमत सूट देगा।  

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यूरोपीय आयोग की अध्‍यक्ष उर्सुला फॉन डेर ने भारत में कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक लगाने के लिए शीघ्र उपाय करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की है। कल प्रधानमंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत में सुश्री फॉन ने संकट के बीच भारत में यूरोपीय नागरिकों को दी जा रही सहायता के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि जल्‍दी उपाय करने का प्रधानमंत्री का कदम भारत में इस बीमारी को तेज़ी से फैलने पर रोकने में महत्‍वपूर्ण रहा।

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अंतरराष्‍ट्रीय ओलंपिक समिति ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हएु ग्रीष्‍मकालीन ओलंपिक स्‍थगित करने की घोषणा की है। पहली बार ऐसा फैसला किया गया है। इससे पहले 1916, 1940 और 1944 में युद्ध के कारण ओलंपिक रद्द किये गये थे लेकिन किसी वायरस के कारण खेलों को पहली बार स्‍थगित किया गया है।

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